Block Diagram of Computer in Hindi
कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम, कंप्यूटर की कार्यप्रणाली एवं भाग , कंप्यूटर की संरचना (Block Diagram of Computer in Hindi)
दोस्त आज हम इस पोस्ट में (Block Diagram of Computer in Hindi - कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम) के बारे में पढ़ेगे की कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम क्या होता है या कंप्यूटर की कार्यप्रणाली व भाग , कंप्यूटर की संरचना इत्यादि।
कंप्यूटर के ब्लॉक डायग्राम को समझने से पहले हम ब्लॉक डायग्राम का अर्थ या मतलब जानेंगे कि ब्लॉक डायग्राम होता क्या है ? -
Block Diagram एक ऐसा diagram होता है जो किसी भी मशीनें के मुख्य भागों या उनके कार्यों को चित्रों के माध्यम से दर्शाता है । यह डायग्राम प्रदर्शित करता है कि यह भाग एक दूसरे से क्या संबंध रखते हैं। इस प्रकार ब्लॉक डायग्राम के द्वारा हमें किसी भी मशीन या सिस्टम की कार्यप्रणाली के बारे में पता चलता है कि वह किस प्रकार कार्य करता है। उसके कौन-कौन से भाग है एवं वे एक दूसरे के साथ किस प्रकार संबंधित है।
तो आइए जाने की कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम क्या होता है - कंप्यूटर के ब्लॉक डायग्राम में हम जानेंगे कि कंप्यूटर कैसे काम करता है ।और उसके कॉम्पनेंट्स कौन-कौन से हैं। कंप्यूटर सिस्टम इनपुट इकाई के माध्यम से डाटा तथा निर्देशों को ग्रहण करके, प्रोसेसर (सीपीयू) के द्वारा डाटा की प्रोसेसिंग करके , आउटपुट इकाई के माध्यम से यूजर को आउटपुट प्रदान करता है। तथा प्राथमिक मेमोरी में डाटा को स्टोर करता है।
कंप्यूटर की आधारभूत संरचना उसके खंडों में विभाजित ब्लॉक डायग्राम से समझी जा सकती है। कंप्यूटर का ब्लॉक चित्र निम्न प्रकार से दर्शाया गया है :-
(क) इनपुट इकाई / इनपुट युनिट ।
(ख) सीपीयू / प्रोसेसर ।
(ग) आउटपुट इकाई / आउटपुट युनिट ।
(घ) प्राथमिक मेमोरी / स्टोरेज युनिट ।
डायग्राम में मोटी रेखाएं निर्देश और डेटा के प्रवाह को सूचित करती हैं। बिंदुदार रेखा सीपीयू द्वारा किए गए नियंत्रण का प्रतिनिधित्व करती हैं। इस डायग्राम में आधुनिक कंप्यूटर के मुख्य कार्यात्मक इकाइयों (यूनिट) को दिखाया गया है। यह इकाइयां सभी कंप्यूटर पद्धतियों द्वारा संपादित की गई बुनियादी क्रियाओं के समरूप है।
इन इकाइयों (यूनिटों) के कार्यो का वर्णन नीचे किया गया है :-
1. इनपुट युनिट (Input Unit) :- इनपुट यूनिट सर्वप्रथम और सबसे महत्वपूर्ण यूनिट है, जिसके द्वारा कंप्यूटर डाटा और निर्देश के रूप में विभिन्न सूचनाएं प्राप्त करता है। इनपुट का अर्थ है कंप्यूटर में डाटा एवं आंकड़ों को निर्देश के रूप में प्रविष्ट कराना जिसे परिणाम प्राप्त किया जा सके। मनुष्य द्वारा दिए गए डाटा तथा निर्देशों को कंप्यूटर में प्रवेश कराने के लिए जिन युक्तियों का उपयोग किया जाता है उन्हें इनपुट डिवाइस कहते हैं । यह यूनिट बाहरी वातावरण को कंप्यूटर पद्धति के साथ जोड़ता है। इनपुट उपकरण उपयोगकर्ता या किसी अन्य कंप्यूटर पद्धति से डाटा और निर्देश ग्रहण करते हैं । इन उपकरणों के माध्यम से कंप्यूटर में सूचना इनपुट को 'रीड इन' (Read in) कहते हैं ।
इनपुट यूनिट निम्नलिखित कार्य करता है :-
● निर्देश ग्रहण करता है (Read Instructions) - यह यूजर से निर्देश और डाटा ग्रहण करता है ।
● कमांड प्राप्त करना :- यह यूजर द्वारा दिए गए कमांडो को प्राप्त करता है।
● निर्देश की आपूर्ति करता है (Supplies Instructions) - यह यूजर द्वारा दिए गए डाटा को कंप्यूटर सिस्टम को उपलब्ध कराता है।
इनपुट डिवाइस (Input Device)
कंप्यूटर द्वारा आमतौर पर उपयोग किए गए विभिन्न इनपुट उपकरण निम्नलिखित है :-
कीबोर्ड, माउस , ट्रैकबॉल, टचपैड, जॉयस्टिक, डिजिटल कैमरा , माइक्रोफोन या सीडी प्लेयर इत्यादि ।
(i) कीबोर्ड (Keyboard) :- कीबोर्ड का प्रयोग कंप्यूटर को अक्षर और अंकीय रुप में डाटा और सूचना देने के लिए करते हैं। कुछ विभिन्न प्रकार के कीबोर्ड; जैसे - QWERTY , DVORAK , AZERTY मुख्य रूप से प्रयोग किए जाते हैं ।
(ii) माउस, ट्रैकबॉल और टचपैड (Mouse, Trackball and Touchpad) - माउस, ट्रैकबॉल और टचपैड से स्क्रीन पर रेखाचित्र खींचने में सहायता मिलती है।
(iii) डिजिटल कैमरा (Digital Camera) - डिजिटल कैमरा क्रियाशील छवियों को रिकॉर्ड कर लेता है। जिन्हें कंप्यूटर पर देखा और व्यवस्थित किया जा सकता है।
(iv) माइक्रोफोन या सीडी प्लेयर (Microphone or CD Player) - कंप्यूटर से संलग्न माइक्रोफोन या सीडी प्लेयर से आवाज की ध्वनि जोड़ने या संगीत के चयन में सहायता मिलती है।
2. सीपीयू (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट)/ प्रोसेसर :- CPU , प्रोसेसिंग यूनिट और कंप्यूटर का वह भाग होता है , जिसमें अर्थमैटिक और लॉजिकल ऑपरेशंस (Arithmetic and Logical Operations) निष्पादित किए जाते हैं । तथा निर्देश डिकोड किए जाते हैं । CPU को कंप्यूटर का मस्तिक भी कहा जाता है।
सीपीयू कंप्यूटर के सभी मुख्य कार्य संपादित करता है जैसे कि :-
● डाटा प्राप्त करता है (Receives Data) :- यह इनपुट उपकरणों के माध्यम से कोडिंग स्वरूपों में डेटा और निर्देश प्राप्त करता है।
● डेटा भंडारित करता है (Stores Data) :- यह डेटा और निर्देश मेमोरी में भंडारित करता है।
● व्याख्या करता है , और निर्देश देता है (Interprets and Directs) :- यह निर्देशों की व्याख्या करता है और कंप्यूटर की विभिन्न इकाइयों यूनिटों को निर्देश देता है ।
● गणनाए करता है (Performs Calculations) :- यह अपनी अर्थमैटिक एंड लॉजिकल यूनिट के माध्यम से सभी अंकगणितीय गणनाएं करता है , और तार्किक फैसले लेता है ।
● संचालन को क्रियाशील और नियंत्रित करता है (Activates and Controls Operations) :- यह कंप्यूटर पद्धति की अन्य इकाइयों के संचालनों को क्रियाशील और नियंत्रित करता है। परिणामों की आपूर्ति करता है जैसे और जब भी परिणामों के पुन प्राप्ति की आवश्यकता हो, यह आउटपुट यूनिट के माध्यम से उपयोगकर्ता को परिणाम संप्रेषित करता है।
C.P.U की सरंचना / सीपीयू के प्रमुख अवयव निम्नलिखित है :-
(i) अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट (ALU) :- यह CPU की एक महत्वपूर्ण यूनिट है। CPU के लिए सभी प्रकार की अंकगणितीय क्रियाएं (जोड़ना, घटाना, गुणा करना तथा भाग देना) और तुलनाएं (दो संख्या में यह बताना कि कौन सी छोटी या बड़ी है अथवा दोनों बराबर है), अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट (ALU) में ही की जाती है। ALU प्रोसेस डाटा को स्टोर करने के लिए रजिस्टर (Register) का उपयोग करता है।
● नोट - रजिस्टर (Register) बहुत तीव्र गति वाली अस्थाई स्टोरेज युक्ति है।
(ii) कंट्रोल यूनिट (Control Unit) :- यह यूनिट कंप्यूटर के CPU का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। यह सभी अन्य यूनिटों अर्थात इनपुट यूनिट, आउटपुट यूनिट, मेमोरी यूनिट और अर्थमैटिक लॉजिकल यूनिटी की क्रियाओं को नियंत्रित और समन्वित करता है । यह कंप्यूटर के सभी भागों के कार्य पर नजर रखती है और उनमें परस्पर समायोजन करने के लिए उचित आदेश भेजती है। यह डाटा और निर्देशों के प्रोसेसिंग को व्यवस्थित करती है। यह मेन मेमोरी में भंडारित प्रोग्रामों से निर्देश प्राप्त करता है, उनकी व्याख्या और क्रियान्वयन करता है और प्रोसेसिंग के लिए डेटा को मेमोरी से अर्थमैटिक लॉजिकल यूनिट में स्थानांतरित करता है। यह चालक द्वारा दिए गए निर्देशों का अर्थ भी निकालता है और विभिन्न निर्देशों का अनुक्रम भी निर्धारित करता है।
3. आउटपुट युनिट (Output Unit) :-आउटपुट यूनिट डाटा को प्रोसेस होने के पश्चात परिणाम को दिखाती है । आउटपुट डिवाइस का प्रयोग सीपीयू से प्राप्त परिणामों को देखने तथा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। आउटपुट यह उपयोगकर्ता को प्रोसेस डाटा उपलब्ध कराता है । यह कंप्यूटर से प्राप्त होने वाले परिणामों को इनपुट निर्देशों के अनुसार युजर के समक्ष प्रस्तुत करता है। आउटपुट युक्ति आउटपुट को हार्ड कॉपी तथा सॉफ्ट कॉपी के रूप में प्रस्तुत करती है ।
सॉफ्ट कॉपी वह कॉपी होता है जो युजर को कंप्यूटर के मॉनिटर पर दिखाई देता है तथा स्पीकर में सुनाई देता है।
जबकि हार्ड कॉपी वह कॉपी होती है जो यूजर को पेपर पर प्राप्त होता है । इस प्रकार यह यूनिट कंप्यूटर और यूजर के बीच संप्रेषण संपर्क का काम करता है।
आउटपुट यूनिट निम्नलिखित कार्य करता है
● परिणाम ग्रहण करता है (Accepts Results) - यह कंप्यूटर द्वारा कोडिड (Coded) स्वरूप में उत्पन्न किए गए परिणाम ग्रहण करता है। अतः इसे आसानी से नहीं समझा जा सकता।
● परिणामों को परिवर्तित करता है (Converts Results) :- यह इन कोडिड (coded) परिणामों को मानव द्वारा पढ़े जाने योग्य स्वरूप में परिवर्तित करता है।
● परिणामों की आपूर्ति करता है (Supplies Results) :- यह यूजर को परिवर्तित परिणाम प्रदान करता है।
आउटपुट डिवाइस (Output Device) :- कंप्यूटर द्वारा प्रयोग किए गए विभिन्न आउटपुट उपकरण निम्नलिखित है जैसे - मॉनिटर, स्पीकर, प्रिंटर, प्रोजेक्टर इत्यादि।
(i) मॉनिटर (Moniter) :- यह कंप्यूटर से प्राप्त परिणामों को सॉफ्ट कॉपी के रूप में दर्शाता है। मॉनिटर स्क्रीन युक्त छोटे टेलीवजन सेटों की तरह होते हैं जिन पर हम उस लेख ग्राफिक्स को देख सकते हैं, जो हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों की प्रतिक्रिया में कंप्यूटर द्वारा प्रस्तुत किए जाते हैं। मॉनिटर की रिफ्रेश दर हर्टज़ (Hertz) में मापी जाती है।
(ii) स्पीकर (Speaker) :- यह प्रकार की आउटपुट डिवाइस है जो कंप्यूटर से प्राप्त आउटपुट को आवाज के रूप में सुनाती है। इसका प्रयोग गाने सुनने , बातचीत आदि में करते हैं । स्पीकर कंप्यूटर में आंतरिक या बाह्य रूप से जुड़ा होता है । इस कार्य प्रणाली का उपयोग तभी किया जा सकता है जब हमारे पास ध्वनि कार्ड हो।
(iii) प्रिंटर (Printer) :- इसका प्रयोग कंप्यूटर से प्राप्त डाटा और सूचना को किसी कागज पर प्रिंट करने के लिए करते हैं। किसी प्रिंटर की गति करैक्टर प्रति सेकंड (Character Per Second- CPS) में , लाइन प्रति मिनट (Line Per Minute -LPM) में और पेजेज प्रति मिनट (Pages Per Minute - PPM) में मापी जाती है।
प्रिंटर दो प्रकार के होते हैं :-
● इंपैक्ट प्रिंटर यह प्रिंटर एक बार में एक करैक्टर या एक लाइन प्रिंट कर सकते हैं । डॉट मैट्रिक्स, डेज़ी व्हील, लाइन ड्रम आदि इंपैक्ट प्रिंटर के उदाहरण है।
● नॉन इंपैक्ट प्रिंटर ये प्रिंटर प्रिंटिंग में इलेक्ट्रोस्टेटिक केमिकल और इंकजेट तकनीकी का प्रयोग करते हैं। इंकजेट, थर्मल, लेजर आदि नॉन इंपैक्ट प्रिंटर के उदाहरण है।
(iv) प्रोजेक्टर (Projector) :- यह एक प्रकार की आउटपुट डिवाइस है , जिसका प्रयोग कंप्यूटर से प्राप्त सूचना या डाटा को एक बड़ी स्क्रीन पर देखने के लिए करते हैं। इसकी सहायता से एक समय में बहुत सारे लोग एक समूह में बैठकर कोई भी परिणाम देख सकते हैं।
4. मेमोरी यूनिट / प्राथमिक मेमोरी / स्टोरेज यूनिट (Storage or Memory Unit) :-
कंप्यूटर में मेमोरी का प्रयोग डाटा तथा प्रोग्राम को स्थाई व अस्थाई रूप से स्टोर करने के लिए किया जाता है। यह मेमोरी डाटा निर्देशों सूचनाओं प्रोग्रामों और परिणामों को योजनाबद्ध ढंग से भंडारित करता है। यह यूनिट कंप्यूटर में इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैचपैड की तरह होता है।
मेमोरी को दो भागों में बांटा गया है :-
(1) प्राइमरी मेमोरी Primary Memory) :- इसे आंतरिक मेमोरी भी कहा जाता है, क्योंकि यह कंप्यूटर के सीपीयू का ही भाग होती है । इसमें इनपुट तथा आउटपुट डाटा को कुछ समय के लिए स्टोर किया जाता है।
प्राइमरी मेमोरी को दो भागों में बांटा जा सकता है
(i) रेंडम एक्सेस मेमोरी (रैम / RAM) :- इसमें उपस्थित सभी सूचनाएं अस्थाई (Temporary) होती है। और जैसे ही कंप्यूटर की विद्युत सप्लाई बंद कर दी जाती है, वैसे ही समस्त सूचनाएं नष्ट हो जाती हैं अर्थात रैम एक वॉलेटाइल (Volatile) मेमोरी है ।
रैम दो प्रकार की होती है :-
● डायनेमिक रैम (Dynamic RAM) ● स्टैटिक रैम (Static RAM)
(ii) रीड ओनली मेमोरी (रोम / ROM) :- इस मेमोरी में उपस्थित डाटा तथा निर्देश स्थाई होते हैं । जिस कारण इन्हें केवल पढ़ा जा सकता है। डाटा और निर्देश के स्थाई होने के कारण कंप्यूटर की विद्युत सप्लाई बंद होने पर चिप में सूचनाएं सुरक्षित रहती है अर्थात रोम नॉन वॉलेटाइल मेमोरी है ।
रोम निम्न प्रकार की होती है :-
● PROM (प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी)
● EPROM (इरेजेबल प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी)
● EEPROM (इलेक्ट्रिकली इरेजेबल प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी)
(2) सैकेण्डरी मेमोरी (Secondary Memory) :- इस प्रकार की मेमोरी सीपीयू के बाहर होती है, इसलिए इसे बाह्य (External) या ऑक्जिलरी (Auxiliary) मेमोरी कहा जाता है। इस मेमोरी में ऐसी सूचनाएं स्टोर होती है जिन्हें लंबे समय तक स्टोर करना होता है तथा जिनकी आवश्यकता लगातार न होती है।
कुछ मुख्य सेकेंडरी मेमोरी डिवाइस निम्न है
(i) हार्ड डिस्क ड्राइव (Hard Disk Drive) :- यह एक नॉन वॉलेटाइल तथा रेंडम एक्सेस डिजिटल डाटा स्टोरेज डिवाइस है। यह सूचनाओं को स्थाई रूप से स्टोर करने का बहुत विश्वसनीय माध्यम है ।
(ii) फ्लॉपी डिस्क (Floppy disk) :- इसको डिस्ककीटी (Diskette), फ्लॉपी या केवल डिस्क के नाम से भी जाना जाता है। फ्लॉपी डिस्क पर कोई भी सूचना लिखने या उसे पढ़ने के लिए विशेष उपकरण की आवश्यकता होती है जिसे फ्लॉपी डिस्क ड्राइव (FDD) कहा जाता है
(iii) कॉम्पेक्ट डिस्क (Compact Disk) :- यह एक विशेष प्रकार की डिस्क होती है , जिस पर डाटा प्राय एक बार ही लिखा जाता है और फिर उसे कितनी बार भी पढ़ सकते हैं ।
(iv) पेन ड्राइव (Pan Drive) :- यह एक स्थाई या नॉन वॉलेटाइल सेकेंडरी मेमोरी का उदाहरण है। जिसमें विद्युत सप्लाई ऑफ होने पर भी डाटा स्टोर रहता है । यह पेन की आकार की इलेक्ट्रॉनिक मेमोरी है , जिसे प्लग एंड प्ले डिवाइस की तरह पोर्ट में लगाकर डाटा को स्टोर करने तथा पढ़ने के लिए प्रयोग किया जाता है।
(v) मेमोरी कार्ड (Memory Card) :- यह एक चिप के आकार में डाटा स्टोरेज डिवाइस है, जिसमें डेटा को स्टोर कर सकते हैं। यह सामान्यतः कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोग किए जाते हैं, जिनमें डिजिटल कैमरा, मोबाइल फोन , लैपटॉप , कंप्यूटर शामिल है
(vi) ब्लू रे डिस्क (BD) :- यह एक ऑप्टिकल डिस्क स्टोरेज माध्यम है । मुख्य रूप से इसका प्रयोग उच्च परिभाषा वाले वीडियो (High Defination Video), प्लेस्टेशन 3 (Play station 3), वीडियो गेम्स स्टोर करने के लिए किया जाता है ।
(vii) डिजिटल वीडियो डिस्क (DVD) :- इस पर डेटा लिखने या उसे पढ़ने के लिए एक विशेष ड्राइव होती है , जिसे DVD ड्राइव का जाता है। DVD का आकार CD के समान ही होता है। लेकिन यह CD की तुलना में 6 गुना अधिक डाटा स्टोर करती हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
अतः कंप्यूटर का निर्माण - इनपुट इकाई , सीपीयू , आउटपुट इकाई तथा प्राथमिक मेमोरी से मिलकर बना होता है। इन चारों के संबंधों को दर्शाने वाले चित्र (डायग्राम) को डिजिटल कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम कहते हैं।
कंप्यूटर सिस्टम इनपुट इकाई के माध्यम से डाटा तथा निर्देशों को ग्रहण करके, प्रोसेसर (सीपीयू) के द्वारा डाटा की प्रोसेसिंग करके , आउटपुट इकाई के माध्यम से यूजर को आउटपुट प्रदान करता है। तथा प्राथमिक मेमोरी में डाटा को स्टोर करता है।
अगर आपको इस पोस्ट से लेकर कोई सुझाव या सवाल हो तो कमेंट करके जरूर बताइए। अगर पोस्ट अच्छी लगी हो तो पोस्ट को शेयर जरूर करें।
FAQ
Que. 1. कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम क्या है ?
Ans. कंप्यूटर का निर्माण इनपुट इकाई, सीपीयू , आउटपुट इकाई तथा प्राथमिक मेमोरी से मिलकर बना होता है। इन चारों के बीच आपसी संबंधों को दर्शाने वाले डायग्राम को डिजिटल कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम कहते हैं ।
Que. 2. कंप्यूटर के ब्लॉक डायग्राम में कितने भाग होते हैं ?
Ans. कंप्यूटर के ब्लॉक डायग्राम में 4 भाग होते हैं -
● इनपुट यूनिट
● CPU/ सीपीयू
● आउटपुट यूनिट
● मेमोरी यूनिट
Que. 3. सीपीओ के 3 भाग कौन-कौन से हैं ?
Ans. सीपीयू के तीन भाग निम्न है -
● ALU (Arithmetic and Logical Unit)
● CU (Control Unit)
● MU (Memory Unit)
Que. 4. मेमोरी कितने प्रकार की होती है ?
Ans. मेमोरी दो प्रकार की होती है -
● प्राथमिक मेमोरी
● सेकेंडरी मेमोरी
Que. 5. रोम (ROM) का पूरा नाम क्या है ?
Ans. ROM का पूरा नाम रीड ओनली मेमोरी (Read Only Memory) है.
Related Post
Nice 👍
जवाब देंहटाएंGood post
जवाब देंहटाएंGood
जवाब देंहटाएंNice
जवाब देंहटाएंAchi hai
जवाब देंहटाएंGood 👍👍
जवाब देंहटाएंGood 👍👍
जवाब देंहटाएंGood work
जवाब देंहटाएंGood 👍
जवाब देंहटाएं